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नए कृषि कानून को लेकर किसानों का आंदोलन बढ़ता ही जा रहा है।

नए कृषि कानून को लेकर किसानों का आंदोलन बढ़ता ही जा रहा है। किसानों के धरना प्रदर्शन का आज 20वां दिन है लेकिन वे आंदोलन खत्म करने को लेकर मान ही नहीं रहे हैं। किसान तीनों नए कृषि कानून को वापिस लेने की मांग पर अड़ गए हैं। सरकार किसानों को समझाने की काफी कोशिश कर रही है लेकिन मानने को तैयार नहीं हैं। कपकपा देने वाली ठंड में भी हजारों किसान सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर डटे हुए हैं। किसान आंदोलन से जुड़े हर अपडेट की जानकारी के लिए जुड़े रहें ektakrantinews. Comके साथ….

पुलिस थानों में पशु बांधने की धमकी


भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने पुलिस पर दिल्ली आ रहे किसानों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमें विवश न करें वर्ना हम अपने पशुओं को थाने में बांध देंगे। टिकैत ने 20 दिनों से जारी किसान आंदोलन के बीच कहा कि उत्तर प्रदेश से दिल्ली आ रहे किसानों को जगह-जगह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली मेरठ हाईवे जाम करने की भी धमकी दी है। जरूरत होने पर किसान दिल्ली को पूरी तरह से जाम कर देंगे। किसान नेता ने कहा है कि उनका आंदोलन गैर राजनीतिक है और सरकार को किसान संगठन से बातचीत कर समस्या का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि सुधार कानून किसानों के खिलाफ है और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा दिया जाना चाहिए। 

एक दिन की भूख हड़ताल पर किसान


दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर सोमवार को करीब 32 किसान संगठनों के नेता केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में एक दिन के लिए भूख हड़ताल पर बैठे तथा देश के अन्य हिस्सों में कई किसानों ने इन कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किए। भूख हड़ताल सुबह 8 बजे शुरू हुई और शाम 5 बजे तक चली। किसानों का प्रदर्शन तीन हफ्ते से चल रहा है और किसान संघों का दावा है कि इस आंदोलन में अब और लोग शामिल हो सकते हैं।

किसानों के सुझाव को मानने के लिए सरकार तैयार


केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों से कहा कि उन्हें ये समझना चाहिए कि सरकार उनके साथ किसी तरह की नाइंसाफी नहीं होने देगी। नितिन गडकरी ने किसानों को प्रस्ताव दिया वे सरकार के साथ आएं और इन कानूनों पर बात करें। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है और यदि किसान कृषि कानूनों को लेकर कोई सुझाव देते हैं तो सरकार उसे मानने को तैयार है।

वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों के साथ वार्ता की अगली तारीख तय करने के लिए सरकार उनसे संपर्क में है। तोमर ने कहा कि बैठक निश्चित रूप से होगी। हम किसानों के साथ संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है। किसान नेताओं को तय करके बताना है कि वे अगली बैठक के लिए कब तैयार हैं। इस बीच आगे की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग समूहों ने तोमर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की।

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