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अर्थव्यवस्था बेहाल,व्यपारी बर्बाद और कोरोना बेलगाम:- वजीर ज्याणी

अर्थव्यवस्था बेहाल,व्यपारी बर्बाद और कोरोना बेलगाम:- वजीर ज्याणी

कृषि को छोड़कर अन्य छेत्रों की ग्रोथ नेगेटिव।

कोरोना संक्रमण रोकने और देश व प्रदेश की व्यपारिक व्यवस्था सम्बन्धी नीतियों पर टिप्पणी करते हुए युवा इनैलो अध्यक्ष वजीर ज्याणी ने कहाकि केंद्र व हरियाणा सरकार की नीतियों के कारण ही आज देश की अर्थव्यवस्था चौपट ही गयी है, व्यपारी बर्बादी के कगार पर है और कोरोना संक्रमण बेलगाम हो चुका है जिसके परिणामस्वरूप व्यपारिक गतिविधियों में स्थिलता और कोरोना मरीजो की रफ्तार में बेतहाशा वृद्धि हुई है। अर्थ वयव्सथा अस्त-व्यस्त हो गयी। 25 मार्च को जब देश मे सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई उस समय पूरे भारत मे कोरोना के मात्र 657 मरीज थे, उस समय देश को जरूरत थी तो सिर्फ अंतराष्ट्रीय उड़ाने व अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे बन्द करने की और जो विदेशी या स्वदेशी नागरिक विदेशों से भारत आए थे उन्हें अलग स्थान पर कुआरन्टीन करने की लेकिन उस समय पूरे देश की जनता पर लॉकडाउन लगा कर उनसे ताली व थाली बजवाई गयी और कोरोना के स्वागत के लिए दीये,मोमबत्ती व टॉर्च जलवाए गए। ऐतिहात बरतने के समय ‘” नमस्ते ट्रम्प ‘” कार्यक्रम आयोजित करके विदेशियों सहित लाखो लोग इकठ्ठा किए गए और करोड़ो-अरबो रूपये खर्च करके वाहवाही लूटी गई। अब जब मरीजो की संख्या 37 लाख से पार हो गयी तो अनलॉक-4 लागू करके लगभग सभी गतिविधिया खोलकर जनता को ईश्वर के सहारे कर दिया गया। हमारी माननीय वित्तमंत्री ने भी कह दिया कि यह जो आर्थिक बदहाली आयी है वह “” ईश्वरीय आपदा “” के कारण आयी है। इन्ही गलत नीतियों और आर्थिक निर्णयों के कारण व्यपारी नुकसान में चलता गया और व्यपार का भठ्ठा बैठ गया। कभी शाम 6 बजे बाज़ार बन्द, कभी 7 तो कभी 8 बजे, कभी वीकेंड शनिवार-ऐतवार तो कभी सोमवार-मंगलवार दुकाने बन्द। अनेक अनिश्चितताओ के चलते व्यपारी चौपट हो गया। अभी भी समय है यदि कोरोना से बचाव की पुख्ता जानकारी सीधे जनता को उपलब्ध करवाई जाए और नेगेटिव-पोसिटिव के खेल से जनता को छुटकारा दिलाया जाए, जनता भी अपनी जिम्मेवारी समझकर मास्क, सैनिटाइजर, सोशल डिस्डेन्सिनग व अन्य कोविड-19 नियमो का पालन करे तो कोरोना की रफ्तार को कम किया जा सकता है। व्यपारिक गतिविधियों को पुनः रफ्तार देने के लिए और व्यपार को पटरी पर लाने के लिए सरकार को चाहिए कि बिना ब्याज के व्यपारी भाइयो को अतिरिक्त ऋण सुविधा प्रदान की जाए और आधारभूत सरचना व इससे सम्बन्धित अन्य सुविधाएं व्यपारियों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाए। उक्त उपायों के साथ साथ केंद्र व प्रदेश सरकारों को जनता के विश्वास बहाली और गम्भीरता के लिए ऐसा प्रत्येक उपाय करने चाहिए जिससे कोरोना को मजाक समझने वाली जनता, गम्भीरता से इस बुराई के अंत का प्रयास करे।

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