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अनाज मंडी में कमीशन के खेल में पीसे किसान बोली बंद होने पर किसानों ने जताया रोष


मंडी आदमपुर, 27 अगस्त
किसानों द्वारा काला सोना कहीं जाने वाली सरसों पर इन दिनों मार्कीट कमेटी व ऑयल मिल मालिकों साठगांठ करके सीधे मिलों में भेजी जा रही है। वीरवार को मंडी में व्यापारियों ने अचानक सरसों की बोली बंद कर दी। बोली बंद होने की सूचना मिलते ही जेएड.एम.ई.ओ. निहाल सिंह मौके पर पहुंचे और करीब शाम 4 बजे के बाद बोली शुरू हुई। व्यापारियों द्वारा बोली बंद होने का कारण किसी ने स्पष्ट नही किया। वहीं सूत्रों से पता चला कि सारा खेल कमीशन का है। कुछ आढ़तियों ने दबी जुबान से बताया कि मंडी में सरसों खरीद का कच्चे व पक्के का खेल खेला जा रहा है। जिससे मार्कीट कमेटी द्वारा ली जाने वाली फीस और टैक्स बच जाता है। इसके चलते सरकार को भारी नुकसान हो रहा है। अप्रैल शुरू होते ही मंडियों में सरसों की भारी मात्रा में आवक शुरू हो गई थी। मगर आदमपुर मार्कीट कमेटी का रिकॉर्ड देखा जाए तो लगता है कि इस बार फसल की पैदावार की काफी कम हुई है। सरकारी रिकार्ड में सरसों की आवक न के बराबर है। मगर, सूत्रों की मानें तो मंडी में प्रतिदिन भारी मात्रा में सरसों आ रही है। अधिकारियों व मिल मालिकों की मिलीभगत के चलते किसानों की सरसों सीधे मिल में ले जाई जा रही है। जिससे मिल मालिक लाखों रुपयों का टैक्स बचा मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। मार्कीट कमेटी द्वारा सरसों खरीदने पर 1 प्रतिशत मार्कीट फीस, 5 प्रतिशत जी.एस.टी. व ढाई प्रतिशत आढ़त भी देनी पड़ती है। यह फीस देने से मिल मालिकों को कम मुनाफा होता है वहीं मिलीभगत से फीस व टैक्स बचाकर मिल मालिक मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।


किसानों को मिलता है 100 से ज्यादा का भाव
मिल मालिक सरसों बेचने के लिए आने वाले किसानों को सरकारी भाव से 100 रुपये ज्यादा का भाव देते हैं। किसान 100 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा भाव मिलने पर सीधे मिल में ही अपनी सरसों बेच देते हैं। किसानों के सीधे मिल में सरसों लाने से मिल मालिक को कमेटी फीस के साथ जी.एस.टी. नहीं देनी पड़ती। किसान के सीधे सरसों लाने से मिल मालिक को इन सभी खर्चों से छुटकारा मिल जाता है। वहीं किसान को प्रति क्विंटल 100 रुपये का फायदा हो जाता है। प्रतिदिन हजारों क्विंटल सरसों अनाज मंडी में आ रही है। मगर मार्कीट कमेटी के अधिकारियों व ऑयल मिल मालिकों की मिलीभगत के चलते सरसों सीधे मिल में जा रही है। अगर प्रतिदिन मार्कीट कमेटी मंडी से सीधे सरसों की खरीद करें तो हजारों क्विंटल पर 1 प्रतिशत फीस व 5 प्रतिशत जी.एस.टी. वसूलती है। यह सारा पैसा सरकार के खजाने में जाता है। मगर कमीशन के फेर में आकर कमेटी अधिकारी मिल मालिकों के साथ मिलकर सरकार के खजाने को लूटने में लगे हुए हैं।

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